डीडीयू नगर: भीषण गर्मी और उमस के बीच भुपौली विद्युत वितरण केंद्र से अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीण उपभोक्ताओं की दैनिक जीवनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

ग्रामीण इलाकों में सरकार भले ही 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही हो, लेकिन भुपौली और सकलडीहा वितरण केंद्र पर तैनात बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इन दावों को झुठलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
हिनौली गांव, जिसे कुंडा फीडर से आपूर्ति मिलती है, वहाँ की स्थिति तो और भी खराब है। उपभोक्ताओं का कहना है कि “बार-बार बिजली की ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से न केवल पंखे-इन्वर्टर बेकार हो गए हैं, बल्कि घरों के अन्य बिजली उपकरण भी खराब हो रहे हैं। ऐसे में ये उपकरण अब सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं।”
उमस भरे मौसम में बूढ़े, बच्चे और महिलाएं बेहाल हैं। वहीं वायरल बुखार, खांसी जैसी मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच बिजली न होने से इलाज और राहत दोनों मुश्किल हो रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हर छोटी समस्या जैसे मामूली हवा से तार टूटना या ट्रांसफार्मर जलना का बिजली विभाग मज़ाकिया बहाने देकर टाल देता है।
हिनौली निवासी दिनेश चंद्र ने चेतावनी दी है कि “अगर बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो केवल शिकायतें करने के बजाय विद्युत वितरण केंद्रों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।”







