लखनऊ: राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश (मूल संघ) ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अन्य वर्षों की भांति इस वर्ष भी चार प्रतिशत विभागीय कोटे के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षिकाओं के ऑफलाइन स्थानांतरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। इस संबंध में संघ के प्रदेश कार्यकारी महामंत्री ने प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी को एक औपचारिक मांग पत्र सौंपा है।
संघ ने बताया कि इस वर्ष घोषित स्थानांतरण नीति के बिंदु 15 में ऑफलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया का उल्लेख है। इसके अनुपालन में कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने प्रत्यावेदन निदेशालय में जमा कराए हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक इन पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है, और प्रत्यावेदन फाइलों में दबे रह गए हैं।
इस बीच एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिससे राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं में निराशा और क्षोभ का माहौल उत्पन्न हो गया है।
संघ ने यह भी कहा कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं स्वयं गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं या उनके परिवार के सदस्य किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद वे अपने गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवाएं दे रहे हैं। यदि उन्हें निकटवर्ती जनपदों में तैनाती मिल जाए, तो वे पारिवारिक दायित्वों और शिक्षण कार्य दोनों में बेहतर संतुलन बना सकेंगे।
संघ ने सरकार से गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ऑफलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है, जिससे प्रभावित शिक्षक-शिक्षिकाओं को मानवीय दृष्टिकोण से राहत मिल सके।







