लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) सरकार ने जाति आधारित राजनीति और भेदभाव पर लगाम लगाने के लिए अहम कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अब प्रदेश में जाति आधारित रैली और प्रदर्शन पर रोक रहेगी। इसके साथ ही एफआईआर (FIR) में भी जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य समाज में समरसता बढ़ाना और जातिगत विभाजन को खत्म करना है। हालांकि, इस फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा “जातिगत भेदभाव दूर करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी? जाति पूछने की मानसिकता कब खत्म होगी?”
इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और अब देखना होगा कि इसके अमल से प्रदेश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ता है।







