बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर का एक साबितगढ़ गांव,है जिसे ‘मास्टरों का गांव’ भी कहा जाता है. इस गांव ने अब तक लगभग 100 से अधिक शिक्षक दिए हैं, जिनमें प्राइमरी स्कूल के शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक शामिल हैं. पहासू कस्बे का यह गांव अपने पूर्वजों की शिक्षा के प्रति समर्पण की परंपरा को कायम रखे हुए है, और आज भी यहां की नई पीढ़ी शिक्षक बनने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है.
इस गांव में शिक्षा का माहौल इतना समृद्ध है कि यहां तीन कॉलेज भी स्थापित हैं, जो विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं. यहां के बच्चे मुख्य रूप से शिक्षक बनने का सपना देखते हैं और उसी दिशा में आगे बढ़ते हैं. गांव के कई पुरुष और महिलाएं आज भी सरकारी सेवा में हैं. यहाँ लगभग हर दूसरे घर में एक शिक्षक है.
इस गांव में पुरुषों से पीछे नहीं हैं महिलाएं
गांव की महिलाएं भी शिक्षा और सरकारी सेवा में पीछे नहीं हैं. पुरुषों के बराबर संख्या में महिलाएं भी शिक्षक और अन्य सरकारी पदों पर सेवा दे रही हैं. रिटायर्ड टीचर सुशीला देवी बताती हैं कि साबितगढ़ गांव में करीब 100 सरकारी शिक्षक हैं. यह गांव अपने शिक्षकों की संख्या के मामले में जिले में अग्रणी है, और यहां की कुल जनसंख्या लगभग 2000 है.









