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वाराणसी: सीएम ग्रिड योजना के तहत 72 करोड़ की लागत से सवरेंगी नगर की आठ सड़कें, सात विभागों की टीमें करेगीं परीक्षण

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वाराणसी: नगर निगम द्वारा सीएम ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट शहरी स्कीम फेज-1 के अन्तर्गत वाराणसी नगर में कुल आठ सड़कों का चयन किया गया है। जिन्हे उच्च गुणवत्तापूर्ण बनाया जायेगा। सीएम ग्रिड में आठ सड़कें ली गयी है।

जिनमें तिलक मूर्ति से भारत सेवाश्रम संघ तक, सिगरा थाना से घंटी मिल तक, सिगरा चौराहे से औरंगाबाद तक, ट्रामा सेंटर से रविदास गेट तक, सुदरपुर मुख्य मार्ग से चेरियन गली तक, गोलघर चौराहे से अर्दली बाजार तक, दुर्गाकुंड पुलिस चौकी से संजय शिक्षा निकेतन होते हुये दीन दयाल तक तथा शुक्ला चौरा से गुरूधाम चौराहा तक इन सड़कों के निर्माण पर रु0 72 करोड़ का खर्च आयेगा।

सीएम ग्रिड योजना की सड़कों को बनाये जाने हेतु इन सभी मार्गो पर विद्युत तथा ओएफसी तार भूमिगत करने हेतु पाइप डक्ट डाली जायेगी, साथ ही आवश्यकतानुसार वर्षा जल निकासी हेतु पाइप ड्रेन तथा जलापूर्ति हेतु भूमिगत लाइन डाली जायेगी। इन सड़कों पर फुटपाथ, पार्किंग, वेंडिंग, लैंडस्केपिंग तथा मार्ग प्रकाश का कार्य किया जायेगा। जिससे इन सड़कों के लिये एकीकृत समुचित विकास की परियोजना की परिकल्पना की गयी है।

यह सड़के नगर निगम वाराणसी द्वारा तैयार करायी जायेगीं तथा इसकी गुणवत्ता हेतु सात विभागों की सात सदस्यीय टीम निगरानी करेगी, जिसमें नगर निगम प्रशासन, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण की टीमें होंगी। साथ ही स्टैंडर्ड क्वालिटी के लिये बी0एच0यू0 आई0आई0टी0 की टीम थर्ड पार्टी के रूप में नामित की गयी है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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