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मिर्जापुर: अहरौरा में डोंगिया बांध समिति की अति आवश्यक बैठक सम्पन्न, 72 घंटे में पानी लीकेज बंद न होने पर किसान करेंगे आंदोलन की चेतावनी

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मिर्जापुर। अहरौरा में डोंगिया बांध समिति की एक अति आवश्यक बैठक अहरौरा बांध परिसर में शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री लालचंद यादव (मानिकपुर) ने की, जबकि संचालन श्री सिद्धनाथ सिंह (अध्यक्ष, बांध समिति) ने किया। बैठक में किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

किसानों की मुख्य शिकायत

किसानों ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद अहरौरा बांध के मेन कैनाल का गेट सिंचाई विभाग द्वारा अब तक मरम्मत या पुनर्निर्मित नहीं किया गया है। बांध में इस समय मात्र 2.25 फीट पानी बचा है, जबकि 80 से 90 क्यूसेक पानी लीकेज होकर लगातार बाहर निकल रहा है, जिससे दर्जनों गांवों की फसलें सूखने के कगार पर हैं।

अभियंताओं की मौजूदगी और जवाब

बैठक में सहायक अभियंता ऋतुराज पांडे, जेई ओम प्रकाश राय, आनंद बिंद, और आनंद मौर्य उपस्थित रहे। किसानों से वार्ता के दौरान एसडीओ ने बताया कि गेट निर्माण पर ₹4.5 लाख का खर्च आएगा और जून-जुलाई माह में इसकी मरम्मत की बात स्वीकार की।
हालांकि, किसानों का आरोप है कि मरम्मत के बावजूद पानी लगातार बह रहा है और फसलों को नुकसान हो रहा है।

किसानों की चेतावनी

एसडीओ के असंतोषजनक उत्तर से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। किसानों ने ऐलान किया कि यदि 72 घंटे के भीतर लीकेज पूरी तरह बंद नहीं हुआ, तो 10 नवम्बर 2025 को स्टेट हाईवे जाम किया जाएगा। 11 नवम्बर 2025 को चुनार तहसील मुख्यालय पर विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। साथ ही किसानों ने मांग की कि सिंचाई विभाग के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में प्रमुख उपस्थित

बैठक में सैकड़ों किसान उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रहलाद सिंह (प्रदेश महासचिव, किसान संघ), अनिल सिंह (मंडल अध्यक्ष), कंचन सिंह ‘फौजी’ (जिला अध्यक्ष), चौधरी रमेश सिंह (अन्नदाता मंच), मुकुट धारी सिंह (मंडल सदस्य), स्वामी दयाल सिंह (कोषाध्यक्ष), परशुराम मौर्य, गोपाल दास गुप्ता, सुरेश सिंह, रामनरेश सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, रामविलास सिंह, रामवृक्ष सिंह, वीरबल यादव (संरक्षक), जितेंद्र सिंह, नंदलाल भारती, सतीश यादव, ओमप्रकाश मौर्य, राम सजीवन पाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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