वाराणसी: पिशाच मोचन कुंड, जहां देश-दुनिया से लोग त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए आते हैं, इन दिनों एक नई समस्या से जूझ रहा है। श्राद्ध कर्म के दौरान कुंड में लगातार मछलियां मर रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, श्राद्ध के समय पिंडी प्रभावित की जाती है, जो चावल से बनाई जाती है। ठेकेदारों का कहना है कि मछलियां बड़ी संख्या में इस चावल को खा लेती हैं, जिसके चलते उनका दम घुटने लगता है और ऑक्सीजन लेवल भी तेजी से गिर जाता है। नतीजतन मछलियां बेमौत मर रही हैं।
पिछले पांच दिनों में करीब 20 कुंतल मरी मछलियां कुंड से निकाली जा चुकी हैं। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है तथा हजारों और मछलियां कुंड में मर सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कुंड की नियमित सफाई और जल शुद्धिकरण की व्यवस्था की जाए, ताकि पिशाच मोचन कुंड की पवित्रता बनी रहे और जीव-जंतुओं की रक्षा हो सके।








