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Varanasi: वंदे भारत पर पथराव का आरोपी निकला मोबाइल एक्सपर्ट, ATS खंगाल रही अतीत, कई अन्य सुराग मिलने की आशंका

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Varanasi : वंदे भारत पर पथराव कराने वाला आरोपी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। पूछताछ में मिले जवाब से एटीएस असंतुष्ट है। उससे और कड़ाई से पूछताछ की जाएगी। शाहिद मोबाइल की तकनीक का एक्सपर्ट भी है।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर 300 रुपये देकर पथराव कराने का आरोपी मोहम्मद हुसैन उर्फ शाहिद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। इसके बावजूद इस्लाम के साथ ही मोबाइल से संबंधित तकनीक पर उसकी पैठ गहरी है। पूछताछ में उसके जवाबों से एटीएस के अफसर संतुष्ट नहीं नजर आए। इसलिए एटीएस शाहिद के मोबाइल के साथ ही उसका अतीत भी खंगाल रही है।

एटीएस के अफसरों की जांच और शाहिद से पूछताछ में सामने आया कि वह देश के अलग-अलग महानगरों में रह कर मजदूरी का काम करता रहा है। जब उसे काम से छुट्टी मिलती थी वह चौरहट, पुरानी बस्ती पड़ाव स्थित किराये के कमरे पर भी आता-जाता रहता था। 

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव का मामला अगस्त में समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ तो वह पड़ाव से बंगलूरू भाग गया था। लगभग एक महीना रहने के बाद जब वह आश्वस्त हो गया कि अब उसे कोई नहीं पकड़ेगा तो वह बंगलूरू से भागलपुर चला गया। इधर एटीएस की टीम ने गिरफ्तार पवन से पूछताछ कर शाहिद के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली थी। 

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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