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Varanasi: कारीगर नहाने और पूजा करने के बाद ही बनाएंगे श्री काशी विश्वनाथ का तंदुल महाप्रसाद

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Varanasi: श्री काशी विश्वनाथ धाम में विजयादशमी से तंदुल महाप्रसाद की व्यवस्था शुरू हो गई है। मंदिर के काउंटर से इसकी बिक्री की जा रही है। प्रसाद को बनाने में विशिष्टता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कारीगरों को नहाने और पूजा करने के बाद ही बाबा का प्रसाद तैयार करने की अनुमति है। पुराणों के अध्ययन के आधार पर न्यास परिषद ने महाप्रसाद को स्वीकृति दी है। 

विजयादशमी से महाप्रसाद की बिक्री का शुभारंभ हुआ। मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा ने महाप्रसाद खरीदकर इसकी शुरुआत की। न्यास ने सभी गुणवत्ता मानकों का पालन कर यह विशि,ट प्रसाद तैयार करवाया है। ट्रस्ट ने प्रसाद निर्माण के लिए बनास डेयरी (अमूल) से समझौता किया है। 

उधर अब तक प्रसाद तैयार कराने वाले महाल्क्षमी ट्रेडर्स ने बिना नोटिस दिए प्रसाद लेना बंद करने का आरोप लगाया है। वहीं श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि महाप्रसाद बनाने वाली संस्थाओं से 31 अगस्त को ही अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। पहले ही इसकी सूचना भी दी गई थी।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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