Search
Close this search box.

Varanasi: बाबा विश्वनाथ का दर्शन हुआ सस्ता, अब 300 की बजाय देने होंगे 250 रुपये

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

Varanasi: बाबा विश्वनाथ का सुगम दर्शन अब सस्ता हो गया है। श्रद्धालुओं को अब 300 की बजाय 250 रुपये ही देने होंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भक्तों को अब प्रसाद नहीं मिलेगा। यह परिवर्तन भक्तों की सुविधा और आगामी त्योहारों के मद्देनजर किया गया है

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव भीड़ प्रबंधन और भक्तों को अधिक सुगम अनुभव प्रदान करने के लिए किया गया है। हालांकि, प्रसाद वितरण की सुविधा इस नई व्यवस्था के तहत उपलब्ध नहीं होगी, जिससे दर्शन का समय भी कम होगा और भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

इसके साथ ही, मंदिर में विशेष आरतियों की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर भी भक्तों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। मंगला आरती की ऑनलाइन बुकिंग दीपावली तक पूरी तरह से फुल हो चुकी है।

दीपावली के चार दिन बाद तक मंगला आरती और छह दिन बाद तक सप्तऋषि आरती की कोई नई बुकिंग नहीं हो पाएगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंगला आरती के 6240 टिकट पहले ही एडवांस में बुक किए जा चुके हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।