
Varanasi: योगी सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति के दौर में भी खाकी के दामन पर भ्रष्टाचार के छींटे पड़े। पिछले एक साल में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में दरोगा से लेकर सिपाहियों तक पर भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई हुई। दरोगाओं पर दुष्कर्म, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना पड़ा। इससे कहीं न कहीं जनता का भरोसा डिगा है।
पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार और विभाग लगातार काम कर रहा है, लेकिन रक्षक ही भक्षक बन जा रहे हैं। इससे सरकार और शासन की मंशा को झटका लग रहा। वाराणसी कमिश्नरेट में कई दरोगाओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों में कार्रवाई हुई। एक दरोगा पर गैंगस्टर लगा। वहीं एक के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ।
जंसा थाने में तैनात दरोगा को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। भेलेपुर थाने के आदि शंकराचार्य कालोनी में गुजरात की फर्म के दफ्तर से 1.40 करोड़ की डकैती के मामले में कई दरोगाओं व पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। नदेसर चौकी इंचार्ज रहे सूर्य प्रकाश पांडेय को सराफा व्यवसायी के कर्मचारियों से डकैती के आरोप में पकड़ा गया। दरोगा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य दरोगाओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों में कार्रवाई हो चुकी है।

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