वाराणसी: भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) को नया कुलपति मिल गया है। आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर और आईआईटी रुड़की के पूर्व निदेशक प्रो. अजित चतुर्वेदी को बीएचयू का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से शिक्षा जगत में प्रसन्नता और उम्मीदों की लहर है।
संस्कार, विद्वता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संगम
प्रो. चतुर्वेदी न केवल एक प्रखर वैज्ञानिक हैं, बल्कि संस्कृति पर्व की विद्वत परिषद के सम्मानित सदस्य भी हैं। वे संत साहित्य के मर्मज्ञ आचार्य परशुराम चतुर्वेदी के पौत्र हैं। विद्याप्रेम, साधना और शोध के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
शिक्षक जीवन की शुरुआत BHU से
गौरतलब है कि प्रो. चतुर्वेदी ने अपने शिक्षक जीवन की शुरुआत BHU से ही की थी। वे स्वयं को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय का अनन्य भक्त मानते हैं और उन्हें ही अपना प्रेरणा स्रोत बताते हैं। कुलपति पद पर उनकी नियुक्ति को महामना के सपनों को नया आकार देने वाला कदम माना जा रहा है।
विज्ञान और नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान
आईआईटी रुड़की के निदेशक रहते हुए प्रो. चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में कई अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में भाग लिया। कोरोना काल में उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियाँ भारत को प्राप्त हुईं, जो आज भी उनके नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हैं।
BHU को लेकर जताई प्रतिबद्धता
नव नियुक्त कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि वे बीएचयू को वैश्विक शिक्षा के मानचित्र पर और ऊँचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, “महामना की बगिया अब खिलेगी, यह मेरा सपना भी है और संकल्प भी।”









