वाराणसी: शहनाई के जादूगर और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अपनी मधुर स्वर लहरियों से देश-दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाले उस्ताद ने बाबा विश्वनाथ के दरबार से लेकर स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर तक शहनाई की गूंज से भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया।
उस्ताद की सादगी, संगीत के प्रति समर्पण और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश आज भी समाज को प्रेरित करता है। उन्हें ‘उस्तादों के उस्ताद’ कहा जाता था। उनकी शहनाई की मधुर ध्वनि आज भी लोगों की आत्मा में गूंजती है।










