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Varanasi: रामनगर किले में काले हनुमान जी के दर्शन के दौरान मची भगदड़, प्रशासन पर दुर्व्यवहार का आरोप, देखें वीडियो

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Varanasi: रामनगर किला स्थित काले हनुमान जी के दर्शन के लिए हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। परंपरा के अनुसार, भोर की आरती के बाद से शाम 4 बजे तक काले हनुमान जी के दर्शन करते हैं। लेकिन इस बार, 3 बजे ही मंदिर के मुख्य द्वार बंद कर दिए जाने से श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। 

रामनगर किले में स्थित श्यामवर्ण श्रीहनुमान के दर्शन के लिए भक्तगण लंबी कतारों में खड़े थे, लेकिन प्रशासन ने अचानक मुख्य द्वार बंद कर दिया। भक्तों का कहना है कि मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और दर्शन के निर्धारित समय से पहले ही गेट बंद कर दिया गया, जिससे घंटों से कतार में खड़े श्रद्धालुओं की मेहनत बेकार हो गई।

श्रद्धालुओं ने बताया कि 4 बजे तक दर्शन का समय निर्धारित था, लेकिन 3 बजे ही गेट बंद कर दिया गया, जिससे आधे परिवार अंदर थे और बाकी बाहर रह गए। बाहर खड़े लोग लगातार अंदर जाने की अपील करते रहे, लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। इस घटना के बाद भक्तों में हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे अव्यवस्था फैल गई।

इस मामले में एसीपी कोतवाली डॉ ईशान सोनी ने बताया कि आयोजकों द्वारा गेट बंद कर दिया गया था। इसी दौरान किले के पास एक हाथी आया और उसने अपना सूंड हिलाया। जिसके बाद वहां उपस्थित दर्शनार्थियों में भगदड़ मच गई। मौके पर स्थिति को काबू पा लिया गया है। लाठीचार्ज की अफवाह पूरी तरह भ्रामक है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।