Search
Close this search box.

वाराणसी: भेड़िए के हमले में दो युवक घायल, ग्रामीणों ने घेराबंदी कर मार गिराया

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के चंद्रावती रामपुर गांव में मंगलवार भोर में करीबतीन बजे एक खतरनाक भेड़िए ने हमला कर दिया। घर के बाहर सो रहे दो युवकों को निशाना बनाया और गांव की गलियों में कई लोगों को दौड़ाया। घायलों की चीख-पुकार सुनकर और महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने लाठी-डंडों और रस्सियों की मदद से भेड़िए को घेर लिया और धारदार हथियारों से उस पर वार कर उसे मार डाला।

घटना की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरे हुए भेड़िए को कब्जे में लिया। पुलिस ने घायल युवकों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में भेड़ियों के झुंड देखे जाने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।

भेड़िए के हमले के दौरान महिलाओं ने अपने घरों को बंद कर बच्चों को सुरक्षित किया। स्थानीय नागरिक राकेश की पत्नी किरन ने पुलिस और वन विभाग को तुरंत सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। पहले भी गांव में भेड़िए के देखे जाने की शिकायतें की गई थीं, जिन्हें प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया था।

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।