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Varanasi: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, हत्या की आशंका, जाँच में जुटी पुलिस

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Varanasi: चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईंपुर में एक युवक का शव पेड़ से लटकता मिला। जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने शव को देख कर तुरंत ग्राम प्रधान को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। 

चोलापुर के एसओ ईश्वर दयाल दुबे ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद फोरेंसिक टीम को बुलाया। शव की पहचान करने में पुलिस जुट गई है। एसओ ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता चलेगा।

मृतक की पहचान सूरज कुमार गौंड (35) के रूप में हुई, जो आजमगढ़ के तरवां का निवासी था और फर्नीचर का कारीगर था। उसने चोलापुर के उदयपुर-चंदापुर में किराए के मकान में रहकर काम किया था। हालांकि, सूरज वहां कैसे पहुंचा, इस बारे में किसी को जानकारी नहीं है।

फोरेंसिक टीम के द्वारा घटनास्थल की जांच के बाद शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस मृतक के साले और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, जिसमें साले ने हत्या का आरोप लगाया है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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