संडीला: नगर की विश्वकर्मा बस्ती में हिंदू रक्षा समिति के तत्वावधान में एक भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के महिला-पुरुषों ने सहभागिता की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित, एकजुट और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आरएसएस की स्थापना, संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, उनके संघर्ष और विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए हिंदू समाज से संगठित और एकजुट रहने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि महंत नरकांत दास महाराज ने अपनी प्रेरक उपस्थिति से कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता रश्मि वर्मा ने की।

विशेष रूप से पतंजलि की राज्य महिला इकाई की सदस्य अंशु गुप्ता, समाजसेवी एवं व्यवसायी विकास गुप्ता और समाजसेवी रेखा गुरु अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहीं, जिससे सम्मेलन और अधिक प्रभावशाली बन गया।
मुख्य वक्ता श्री संजय जी ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पंच परिवर्तन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का जागरण और नागरिक कर्तव्य को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ “संगठित हिंदू, समर्थ भारत” का नारा लगवाया, जो सम्मेलन का केंद्रीय संदेश बना।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों की सक्रिय भागीदारी रही, जो हिंदू समाज की एकता, जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रमाण बनी। स्थानीय स्तर पर आयोजित यह सम्मेलन समाज को जोड़ने और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
रिपोर्ट- ओमजीत यादव









