नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल्स पर होने वाली अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक अमेरिका के नेतृत्व में गठित Pax Silica पहल के तहत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को चुनौती देना है। भारत को इस रणनीतिक पहल में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया गया है।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली में कहा था कि फरवरी में भारत को Pax Silica में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके तहत अमेरिका में स्थानीय समय के अनुसार 2 से 4 फरवरी तक बैठक आयोजित की जा रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 2 फरवरी को जारी बयान में बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की ओर से बुलाई गई ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ में भाग लेंगे।
वॉशिंगटन में होने वाली इस बैठक में अमेरिका के अलावा भारत, यूरोपीय यूनियन, यूनाइटेड किंगडम, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल होंगे। बैठक के दौरान जरूरी और दुर्लभ खनिजों को लेकर एक रणनीतिक गठबंधन पर चर्चा की जाएगी, ताकि सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।
गौरतलब है कि पाकिस्तान को इस पहल में शामिल नहीं किया गया है, जबकि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप को दुर्लभ खनिजों के दोहन का प्रस्ताव दिया था और दोनों देशों के बीच इसको लेकर एक समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद Pax Silica बैठक में पाकिस्तान को जगह नहीं मिली है।








