वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी में सनातन धर्म के प्रमुख धर्मगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को मिली जानलेवा धमकी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बताया गया है कि शंकराचार्य जी के प्रतिनिधि परमात्मानन्द ब्रह्मचारी द्वारा इस संबंध में भेलूपुर थाना में लिखित तहरीर दी गई थी। हालांकि, 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
मामले को लेकर प्रतिनिधि परमात्मानन्द ब्रह्मचारी ने कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत को धमकी मिलना न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संज्ञेय अपराध में FIR दर्ज न करना सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उच्च अधिकारियों का घेराव करने के साथ-साथ न्यायालय की शरण ली जाएगी।










