प्रतिनिधिमंडल ने सैदपुर जताईं एकजुटता कहा जनप्रतिनिधि
की सुरक्षा पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल,,
गाजीपुर। सैदपुर ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव पर हुए कथित प्राणघातक हमले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, गाजीपुर के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी जिलाध्यक्ष रामज्ञान यादव के नेतृत्व में सैदपुर स्थित ब्लॉक प्रमुख के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की, घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर इस प्रकार का हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर सीधा प्रहार है। यदि जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होना स्वाभाविक है।यादव महासभा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व डीआईजी बलिकरन सिंह यादव ने कहा कि सैदपुर ब्लॉक प्रमुख पर हुए हमले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक वातावरण पर चिंताजनक सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति का स्वरूप इतना विषाक्त होता जा रहा है कि जनसेवा के लिए चुने गए प्रतिनिधि भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। यह स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है।उन्होंने कहा कि अपराधियों के हौसले यदि इसी प्रकार बढ़ते रहे और उन पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में अराजकता का माहौल पैदा होगा।
कानून का भय समाप्त होने पर सामाजिक संरचना और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर क्षति पहुंचेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा उन्हें ऐसी सजा मिले जो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के लिए नजीर बने।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व डीआईजी बलिकरन सिंह यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष रामज्ञान सिंह यादव, यादव महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बार काउंसिल अध्यक्ष रामयश यादव, शिवपूजन यादव, जिला मार्गदर्शक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष छोटेलाल यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव तथा महासचिव अभयनाथ यादव सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे।
वहीं यादव महासभा एवं पिछड़ा-दलित महासंघ गाजीपुर के जिलाध्यक्ष सुजीत ‘साइकिल’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव से बातचीत कर घटना की निंदा की और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और भय के लिए कोई स्थान नहीं है।
राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि पर जानलेवा हमला सभ्य समाज के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।उन्होंने कहा कि यह समय केवल एक व्यक्ति के समर्थन का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन की रक्षा का है।
समाज के सभी वर्गों को ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए ताकि अपराध और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा न मिले।यादव महासभा ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन की रणनीति पर विचार करेगा।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
संजय यादव ब्यूरो गाजीपुर।











