Search
Close this search box.

एआई युग में भ्रामक सूचनाओं पर लगेगा अंकुश, पीआरएसआई ने गठित की देश की पहली राष्ट्रीय तथ्य सत्यापन समिति

अहमदाबाद। /वाराणसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच फर्जी एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI) ने देश की पहली राष्ट्रीय तथ्य सत्यापन समिति गठित करने की घोषणा की है। यह घोषणा ‘एआई के युग में फैक्ट-चेकिंग : डिजिटल-फर्स्ट विश्व में भ्रामक सूचनाओं से मुकाबला’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में की गई।

पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक ने कहा कि विश्वास निर्माण जनसंपर्क की आधारशिला है और एआई के दौर में तथ्य सत्यापन सभी की साझा जिम्मेदारी है। समिति का उद्देश्य जिम्मेदार संचार, तथ्य सत्यापन, मीडिया साक्षरता तथा भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध देशव्यापी जागरूकता को बढ़ावा देना है।

सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, डीपफेक, वॉयस क्लोनिंग, एआई-निर्मित भ्रामक सामग्री, संकट संचार और मीडिया नैतिकता पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। गुजरात पुलिस की साइबर सुरक्षा शाखा की डीसीपी डॉ. लवीना सिन्हा ने लोगों से किसी भी सूचना पर विश्वास करने और उसे साझा करने से पहले सत्यापन करने की अपील की।

Leave a Comment

और पढ़ें