वाराणसी । जनपद के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में UP-112 के पुलिसकर्मियों के साथ समीक्षा बैठक कर आपातकालीन पुलिस सेवा की कार्यप्रणाली, रिस्पॉन्स टाइम और जनसंतुष्टि का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट की प्रत्येक पीआरवी एक “चलता-फिरता सहायता केंद्र” बने, जहां नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता मिले।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रभावी मॉनिटरिंग और बेहतर कार्यप्रणाली के चलते कमिश्नरेट वाराणसी UP-112 की प्रदेशीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान में औसत रिस्पॉन्स टाइम 5 मिनट 26 सेकेंड और जनसंतुष्टि का स्तर 94 प्रतिशत है। उन्होंने सभी पीआरवी कर्मियों को फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावी सहायता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्दी, व्यवहार, बॉडी लैंग्वेज और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ट्रैफिक जाम, संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल संबंधित थाने को दी जाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पीआरवी टीम को हर माह ₹1,000 पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
सभी टीमों को नौ मिनट के भीतर रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दस मिनट से अधिक विलंब पर समीक्षा, काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर विभागीय कार्रवाई होगी। PRV-0612 को सराहा गया, जबकि PRV-0615 को सुधार के निर्देश दिए गए।





