वाराणसी: भेलूपुर थाना के भदैनी में परिवार के पांच लोगों की हत्या की घटना को अकेले विक्की ने ही अंजाम दिया था। पहले मीरापुर में राजेंद्र की हत्या की गई। उसके बाद भदैनी में पूरे परिवार को खत्म कर दिया गया। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि क्राइम सीन के हिसाब से अभी तक यही पुष्टि हो रही है कि विक्की ने ही पांचों लोगों को मारा। वह काफी शातिर है। उसने एमसीए की पढ़ाई की है।
वहीं साफ्टवेयर डेवलपर का काम करता है। तकनीकी का काफी जानकार है। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें देश के अलग-अलग शहरों में उसकी तलाश कर रही हैं। जल्द ही घटना की खुलासा किया जाएगा।
भेलूपुर के भदैनी निवासी राजेंद्र गुप्ता, पत्नी नीतू, बेटे नवनेंद्र, सुबेंद्र और बेटी गौरांगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र का शव उसके मीरापुर स्थित मकान में मिला था। वहीं पत्नी व बच्चों के शव भदैनी के मकान में मिले थे। घटना के बाद से ही राजेंद्र का भजीता विक्की फरार है। उसका मोबाइल भी स्विच आफ है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। डीसीपी ने बताया कि विक्की की लोकेशन पर पूछताछ के लिए पुलिस की कई टीमें गई थीं।
पूछताछ में काफी चीजें पता चलीं। परिवार का इतिहास काफी हिंसक रहा है। राजेंद्र गुप्ता ने जून 1997 में भाई और भाभी और दिसंबर में पिता और चौकीदार की हत्या की थी। इसके बाद पूरी प्रापर्टी के मालिक बन गए थे।
उन्होंने कहा सामूहिक हत्याकांड में राजेंद्र के भाई कृष्णा के बेटे विक्की की ही भूमिका सामने आ रही है। जांच से पता चला है कि संभवतः वह अकेला ही रहा होगा। भेलूपुर में क्राइम सीन से पता चलता है कि सभी लोग जग गए थे और सभी के शव फर्श पर पड़े मिले। उन्होंने बताया कि विक्की ने एमसीए की पढ़ाई की है। वह तकनीकी का काफी जानकार है। वह फ्री-लांसर के तौर पर नौकरी करता था, जाब पर नहीं जाता था और पेइंग गेस्ट के तौर पर कमरे में ही रहता था। उन्होंने अंदेशा जताया कि इसी साल-डेढ़ साल की अवधि में विक्की ने हत्या की पूरी प्लानिंग की होगी।









