वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 आईफोन, 43 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक, 8 चेकबुक, 12 सिम कार्ड, 11 क्यूआर कोड, एक लैपटॉप, डायरी, 12,060 रुपये नकद तथा महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 समेत दो लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। कार्रवाई पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में की गई।
म्यूल अकाउंट के जरिए करते थे करोड़ों की साइबर ठगी
जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी अपने कब्जे में लेकर इन खातों को देश-विदेश के साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। विदेशी अपराधियों से प्राप्त ट्रांजेक्शन एपीके फाइल के जरिए खातों पर रिमोट एक्सेस देकर साइबर ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर 8 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था और इसी अवैध कमाई से लग्जरी वाहन खरीदे गए थे।
डिजिटल साक्ष्य मिले, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से बैंक खातों, संदिग्ध चैट, टेलीग्राम कम्युनिकेशन और साइबर लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी न दें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।






