बलिया। गोंड समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर लखनऊ के जीपीओ स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के बाद विराट प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा प्रतिभागी शांतिपूर्ण मार्च करते हुए झूलेलाल पार्क में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
गोंड समुदाय की प्रमुख मांगों में गोंड (धुरिया) जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में एकरूप मान्यता, पूरे प्रदेश में एसटी प्रमाण पत्र निर्गत करने की व्यवस्था, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति, प्रत्येक जिले में आदिवासी छात्रावास की स्थापना, भूमिहीन परिवारों को आवासीय एवं कृषि पट्टा, उत्तर प्रदेश जनजाति आयोग का गठन, उत्पीड़न के मामलों में एससी/एसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई तथा स्वतंत्रता संग्राम में शहीद आदिवासी गोंड वीरों की स्मृति में संग्रहालय एवं स्मारक निर्माण शामिल हैं। साथ ही विभिन्न विभागों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के रिक्त बैकलॉग पदों पर भर्ती की भी मांग की गई है।
इस कार्यक्रम की अग्रिम सूचना के तहत 3 अगस्त को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया। आगसा के संरक्षक अरविन्द गोंडवाना ने बताया कि प्रदर्शन की सफलता के लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सुरेश शाह, बच्चा लाल गोंड, शिवजी गोंड, अमित कुमार गोंड, सुधीर गोंड, धर्मेन्द्र गोंड, मुन्ना गोंड और शिवकुमार गोंड सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।







