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बलिदान दिवस पर गूंजा ‘बागी बलिया’, शहीदों को नमन

बलिया । बलिदान दिवस पर बुधवार को गंगा बहुद्देशीय सभागार देशभक्ति के रंग में सराबोर रहा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने मां सरस्वती व महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सामूहिक वंदे मातरम् के गायन के बाद बलिया के 13 शहीदों की पत्नियों और 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न व मिठाई देकर सम्मानित किया गया। एनसीसी कैडेटों और रंगोली कलाकारों को भी सम्मान मिला। रंगोली कलाकारों को मंत्री ने पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ‘जय हो-जय हो बागी बलिया’ जैसे गीतों ने समारोह में जोश भर दिया। बलिदान दिवस से संबंधित वीडियो के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा प्रस्तुत की गई।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में बलिया के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंका था। करीब 14 दिनों तक बलिया स्वतंत्र रहा। उन्होंने कहा कि बलिया का इतिहास नई पीढ़ी के लिए देशभक्ति और साहस की प्रेरणा है।

राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि दुनिया में कहीं भी जाएं, बलियावासी गर्व से खुद को ‘बागी बलिया’ का बताते हैं। उन्होंने शहीदों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।

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