गाजीपुर। जनपद के थाना नोनहरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा शक्करपुर (शक्करपुर कलां) में 16 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 12:30 बजे एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। रेलवे ट्रैक पार करते समय 55 वर्षीय महिला, पत्नी स्वर्गीय बुधु यादव, तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन पार करने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और मरीज रोजाना जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब चार माह पहले रेलवे अंडरपास (एलएचएस) निर्माण के लिए एसडीएम मोहम्मदाबाद के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने हेतु आवेदन किया गया था।

इस प्रक्रिया में डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद (सहायक प्राध्यापक, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने अपने पिता श्री रामकृत प्रजापति एवं ग्रामवासियों के साथ आवश्यक दस्तावेज तैयार कर प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किया, लेकिन एनओसी न मिलने के कारण मामला लंबित रहा। हादसे के बाद ग्रामीणों के अनुरोध पर डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर अंडरपास निर्माण का मुद्दा उठाया।
एनओसी में हो रही देरी को देखते हुए डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद ने जिलाधिकारी गाज़ीपुर तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर शक्करपुर में रेलवे अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की। उनके निर्देश पर श्री रामकृत प्रजापति ने ग्रामवासियों के साथ मिलकर जिलाधिकारी को पुनः आवेदन सौंपा।
डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद ने बताया कि वे जुलाई 2025 से लगातार रेलवे अंडरपास निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन और सरकार पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि शक्करपुर में जल्द ही रेलवे अंडरपास का निर्माण शुरू होगा।
रेलवे अंडरपास के निर्माण से कटवामोड़, हब्बासपुर, मोहम्मदाबाद, नोनहरा, पक्काइनार, मालीपुर, मुंडेरा, सादिकपुर, शक्करपुर, जलालपुर और शाहबाजकुली सहित क्षेत्र के हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।









