बलिया। जिले में बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के गठन को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आए हैं। एक प्रार्थी ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर सहायक निबंधक अधिकारी लाल बहादुर माल पर खुलेआम अवैध वसूली, धमकी और शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रार्थी के अनुसार ग्राम सभा स्तर पर किसानों द्वारा बहुउद्देशीय सहकारी समिति के गठन की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई थी। एडीसीओ रसड़ा द्वारा बैठक कर रिपोर्ट देने के बाद भी अक्टूबर माह से लगातार विकास भवन बलिया बुलाया जाता रहा। इस दौरान कथित रूप से प्रति फाइल ₹30,000 की गुप्त वसूली की गई, जो दलालों के माध्यम से ली जाती रही। ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से भी अवैध शुल्क वसूला गया।
प्रार्थी का आरोप है कि उससे स्वयं ₹25,000 देने की मांग की गई। मना करने पर अधिकारी द्वारा समिति को त्रुटि दिखाकर खारिज करने और पत्रकारों व नेताओं से शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि अधिकारी ने यह भी कहा कि वह 30 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो जाएगा और कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी ने नौकरी के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की है और इस पूरे प्रकरण में कुछ अन्य सामाजिक लोग भी कथित रूप से शामिल हैं। प्रार्थी ने जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की मांग की है।
प्रार्थी का कहना है कि जिले में सहकारी समितियों का दिवालिया होना और बंद होना भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है, जो सरकार की मंशा के विपरीत है। इस संबंध में उजाला संचार से श्रीमान उपाध्याय एवं दिवाकर पांडे, नगरा (बलिया) ने भी जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग की है।








