Varanasi: भेलूपुर थाना के भदैनी निवासी राजेंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी नीतू, बेटे नवनेंद्र और सुबेंद्र व बेटी गौरांगी की हत्या की गुत्थी सुलझाने में कमिश्नरेट पुलिस जुटी है। राजेंद्र के भतीजे विशाल गुप्ता उर्फ विक्की की तलाश में पुलिस कई शहरों में डेरा जमाए हुए है। अहमदाबाद पहुंची पुलिस टीम को पता चला कि पेशे से साफ्टवेयर डेवलपर विक्की ने घटना से 20 दिन पहले ही अपना अहमदाबाद का फ्लैट खाली कर दिया था।
दोस्तों को बताया कि उसका ट्रांसफर कही और हो गया है। विक्की के इतने दिनों तक फरार रहने से पुलिस का शक उस पर और गहरा गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि वह पकड़ में आ गया तो हत्या की गुत्थी सुलझ जाएगी। पुलिस टीम को पता लगा कि विशाल ने अपने दोस्तों को बताया था कि उसका ट्रांसफर अन्यत्र हो गया है। उसने अहमदाबाद का अपना फ्लैट 20 अक्तूबर को खाली कर दिया था।
भदैनी निवासी शराब कारोबारी, पत्नी और तीन बच्चों के शव गत पांच नवंबर को उनके घर में मिले थे। पांचों की गोली मार कर हत्या की गई थी। राजेंद्र पर उसके छोटे भाई व उसकी पत्नी और पिता व चौकीदार की हत्या का आरोप था। राजेंद्र का उसके छोटे भाई कृष्णा के बड़े बेटे विशाल से अकसर विवाद होता था। विशाल की राजेंद्र पिटाई भी करता रहता था। विशाल वारदात के बाद से ही लापता है। जबकि, गत चार नवंबर तक वह अपने बड़े पापा के घर व उसके आसपास ही देखा गया था।
पुलिस की तफ्तीश में पता लगा कि विशाल अहमदाबाद में साफ्टवेयर डेवलपर का काम करता था। पुलिस अहमदाबाद गई तो पता लगा कि वह अक्तूबर में ही फ्लैट और कंपनी छोड़ दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि चार नवंबर की रात एक बजे नीतू अपने तीनों बच्चों के साथ मूवी देख कर घर आई थी।
जबकि राजेंद्र मीरापुर रामपुर स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में रात नौ बजे तक पहुंच गया था। भदैनी स्थित राजेंद्र के घर से सौ मीटर की दूरी पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज से भी पुलिस को अब तक कोई खास मदद नहीं मिल पाई है।









