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डिंपल यादव की कथित आपत्तिजनक तस्वीर वायरल, कानपुर साइबर थाने में मामला दर्ज

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कानपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ सांसद एवं पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की कथित आपत्तिजनक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि यह तस्वीर जानबूझकर उनकी भावनाओं को आहत करने और उन्हें बदनाम करने की नीयत से खींची गई और सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कानपुर नगर के साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह की तस्वीरों को वायरल करना न केवल व्यक्तिगत गरिमा का हनन है, बल्कि यह महिलाओं की सम्मान और निजता पर भी सीधा हमला है।

प्रकरण सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। नेताओं का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कृत्य है, जिससे एक जनप्रतिनिधि की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

फिलहाल साइबर क्राइम थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से तकनीकी साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ तस्वीर को वायरल करने वालों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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