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सोनभद्र: काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं 7 जनवरी से होंगी शुरू

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सोनभद्र: काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक/ स्नातकोत्तर के प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की परीक्षाए 7 जनवरी से शुरू हो रही हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर टाइम टेबल अपलोड कर दी गई हैं।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए बीआरडी पीजी कॉलेज दुद्धी के प्राचार्य डॉ रामसेवक सिंह यादव ने बताया कि स्नातक एवं स्नात्तकोत्तर प्रथम, तृतीय व पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएं 7 जनवरी 2025 से शुरू होगी। परीक्षा की समय-सारिणी सूचना पट्ट पर चस्पा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र वेबसाईट पर अपलोड कर दिया गया है। परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र कहीं से डाऊनलोड कर सकते हैं। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी, प्रवेश पत्र के साथ-साथ आधार कार्ड भी लेकर आयेंगे। परीक्षार्थी महाविधालय द्वारा जारी आइडेंटिटी कार्ड के साथ परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।