गाजीपुर। कासिमाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत शहबाजपुर रेंगा स्थित प्राचीन रेंगा कुटी परिसर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जौनपुर विभाग के विभाग प्रचार प्रमुख जितेंद्र ने कहा कि सनातन संस्कृति आज हमारे महापुरुषों के त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब-जब धर्म और संस्कृति पर संकट आया, तब-तब महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति देकर उसकी रक्षा की।

मुख्य वक्ता ने धर्म की रक्षा के लिए गुरु गोविंद सिंह जी के पूरे परिवार के बलिदान, महाराणा प्रताप का संघर्ष, छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य, रानी हाड़ी का त्याग, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का सेवा भाव और संत रविदास की समरसता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर “पंच परिवर्तन” की अवधारणा को विस्तार से समझाया, जिसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों पर विशेष बल दिया गया। साथ ही हिंदू समाज को संगठित और एकजुट रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में साहब सिंह, राजेश सिंह, आशा निषाद, अनिल श्रीवास्तव, अवधेश पांडेय, रविंद्र पाल, अच्छे वर्मा, विवेक वर्मा, रणजीत श्रीवास्तव, अभिषेक पांडेय, हरेराम सिंह, विंध्यवासिनी पांडेय व दीपक सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत गिरिवर लाल ने की, जबकि संचालन रामनिवास सिंह ने किया। सम्मेलन का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ किया गया।
कासिमाबाद से धर्मेन्द्र कुमार की रिपोर्ट, बलिया
ब्यूरोचीफ- संजय यादव








