नई दिल्ली: भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी के बीच श्रीलंका के साथ एक अहम रक्षा समझौता कर वैश्विक रणनीतिक संतुलन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारत की प्रमुख सार्वजनिक रक्षा कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने श्रीलंका को चार उन्नत जहाजों की आपूर्ति के लिए $1.5 बिलियन (लगभग 12,500 करोड़ रुपये) की डील फाइनल की है।
इस रणनीतिक डील के तहत श्रीलंका को 2 आधुनिक फ्रिगेट (Frigate), 2 तटवर्ती गश्ती जहाज (Offshore Patrol Vessels – OPVs)
प्रदान किए जाएंगे, जो उसकी समुद्री सुरक्षा और गश्त क्षमताओं को अत्यधिक बढ़ावा देंगे।
चीन को मिला करारा जवाब
यह सौदा ऐसे समय पर हुआ है जब श्रीलंका में चीन की सैन्य और आर्थिक घुसपैठ, विशेषकर हंबनटोटा बंदरगाह के माध्यम से, भारत के लिए भू-राजनीतिक चिंता का विषय बना हुआ है। इस डील को भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘सागर (SAGAR)’ नीति के तहत देखा जा रहा है, जिसके जरिए भारत अपने समुद्री पड़ोसी देशों के साथ रक्षा और विकास सहयोग को मजबूत कर रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
इस डील से भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी नया बल मिलेगा, क्योंकि ये सभी जहाज मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स द्वारा स्वदेशी तकनीक से बनाए जाएंगे।
भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील न केवल भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम देगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।









