देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo बीते तीन दिनों से भारी परिचालन अव्यवस्था का सामना कर रही है। पूरे देश के हवाई अड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें और अफरा–तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। अचानक उड़ानें रद्द होने और देरी के कारण हजारों यात्री एयरपोर्ट पर ही फंसे हुए हैं। तत्काल टिकटों के किराए आसमान छू रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
उड़ानों पर संकट: 3 दिनों में 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द
IndiGo की ओर से लगातार उड़ानें रद्द की जा रही हैं, जिनकी संख्या तीन दिनों में 1,000 के पार पहुंच गई है। एयरलाइन के अनुसार, केबिन क्रू की समस्याओं और कई अन्य परिचालन कारणों से यह व्यवधान पैदा हुआ है।
सरकार और DGCA की सख्त नजर
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने इंडिगो से स्थिति सुधारने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
10 फरवरी 2026 तक सुधरेगी स्थिति: IndiGo
DGCA को सौंपे गए बयान में IndiGo ने आश्वासन दिया कि उड़ान संचालन 10 फरवरी 2026 तक सामान्य स्थिति में आने की उम्मीद है। तब तक कई रूटों पर उड़ानें सीमित या पुनर्निर्धारित रूप से संचालित की जाएंगी।
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
कई यात्रियों ने शिकायत की है कि न सिर्फ उड़ानें रद्द हो रही हैं, बल्कि अचानक किराए भी आसमान पर पहुंच गए हैं। यात्रा योजनाएं प्रभावित होने से लोग बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं।
स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में यात्रियों को सफर से पहले उड़ानों की स्थिति जांचने और अपडेट लेते रहने की सलाह दी जा रही है।










