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सोनभद्र: रासलीला मंच पर पहुँची माँ काली सेवा समिति, हलवे के प्रसाद संग हुआ स्वागत

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सोनभद्र। नगर स्थित माँ काली सेवा समिति काली जी मंदिर के अध्यक्ष के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता हलवे का प्रसाद लेकर दुद्धी में आयोजित रासलीला मंच पर पहुँचे। समिति के आगमन पर रासलीला मंचन के मुखिया दाउदयाल उपाध्याय एवं विशाखा रमण बिहारीलाल ने सभी सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस अवसर पर माँ भारती जन सेवा ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अनिल गुप्ता (बीज भंडार) ने माँ काली सेवा समिति के कार्यकर्ताओं को प्रथम पूजन का निमंत्रण दिया और आशीर्वाद स्वरूप अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सौहार्द का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम में माँ काली सेवा समिति के अध्यक्ष प्रखर अग्रहरी के साथ प्रदीप शर्मा, रमेश जायसवाल, सुरेश जायसवाल, हरिओम, भोलू जायसवाल, राहुल अग्रहरी, विकास अग्रहरी, शुभम लक्की, आशीष जायसवाल सहित बड़ी संख्या में समिति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने माँ काली के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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