मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह आंदोलन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ (UP Educational Ministerial Association) के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा के आह्वान पर किया गया।
धरने के माध्यम से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शासन से वर्षों से लंबित मांगों पर शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में 04 अक्टूबर 2021 और 08 अप्रैल 2025 को शासन स्तर पर बैठकें हुई थीं, जिनमें उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

धरने के दौरान कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को 11 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा, जिनमें प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
प्रमुख मांगें:
- शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शिक्षक पद पर पदोन्नति का अवसर दिया जाए।
- सेवा निवृत्ति पर 300 दिन का उपार्जित अवकाश नकद भुगतान।
- राजकीय कर्मचारियों की तरह चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- प्रबन्ध समिति में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी प्रतिनिधित्व मिले।
- राष्ट्रपति / राज्य पुरस्कार की तरह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन की व्यवस्था हो।
- पदोन्नति में CCC डिप्लोमा की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- लिपिकों की वेतन विसंगति समाप्त की जाए।
- नगर प्रतिकर भत्ता, स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, कोरोना महंगाई भत्ता आदि बहाल किए जाएं।
- 01 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
- पदोन्नति पर 22बी का वेतनवृद्धि लाभ पुनः लागू किया जाए।
- लिपिक व चतुर्थ श्रेणी की नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए।
धरने में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए कर्मचारियों ने भाग लिया और शासन से मांग की कि जल्द से जल्द उनकी न्यायोचित मांगों पर अमल किया जाए, अन्यथा संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।










