नई दिल्ली: आने वाले साल 2026 में मोबाइल रिचार्ज के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं को हर महीने कम से कम 300 रुपये का भुगतान करना पड़ सकता है।
Jefferies और Morgan Stanley जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कंपनियों की रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया है कि दूरसंचार कंपनियों की लागत बढ़ने और अन्य आर्थिक कारकों के कारण मोबाइल रिचार्ज के दाम में बढ़ोतरी अनिवार्य हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि विशेष रूप से प्रीपेड रिचार्ज और डेटा प्लान्स पर असर डालेगी।
इस बदलाव से मोबाइल उपभोक्ताओं के बजट पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, जबकि टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह उनकी आय में सुधार का अवसर भी बन सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने मासिक खर्च का पुनः मूल्यांकन करें और लंबे समय के प्लान्स के विकल्प तलाशें ताकि बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सके।









