सोनभद्र। जनपद के दुद्धी क्षेत्र में निजी अस्पताल की कथित लापरवाही से जच्चा–बच्चा की दर्दनाक मौत का मामला अब पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। घटना के बाद से फरार चल रहे चिकित्सक दंपती के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए इनाम घोषित कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देश पर दुद्धी स्थित निजी अस्पताल के संचालक एवं चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र पाल और उनकी पत्नी डॉ. सीमा पाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। दोनों आरोपियों पर ₹10,000-₹10,000 का इनाम घोषित किया गया है। घटना के बाद से ही दोनों डॉक्टर फरार हैं और पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 अक्टूबर को सोनादेवी को प्रसव पीड़ा के चलते दुद्धी के उक्त निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई, जिससे महिला और नवजात शिशु दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया।
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को तत्काल सीज कर दिया। तब से यह निजी अस्पताल बंद पड़ा है। घटना के बाद डॉक्टर दंपती मौके से फरार हो गए थे। पुलिस द्वारा लगातार दबिश देने के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है।
इस मामले में एक अन्य फरार अभियुक्त विजेंद्र ओझा, निवासी खुर्जा गांव, थाना पन्नुगंज पर भी पुलिस ने ₹5,000 का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी शीघ्र आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को फरार आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।









