सोनभद्र: जनपद स्थित अयोध्या के नंदीग्राम भरतकुंड में मंगलवार को 501 कन्याओं और महिलाओं द्वारा भव्य पंचकोसी कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ कन्याओं के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद कन्याओं को रथ पर बैठाया गया, वहीं डीजे की भक्ति धुनों पर साधु-संत, महंत और श्रद्धालु झूमते नजर आए।

कलश यात्रा भरतकुंड से पवित्र जल लेकर यज्ञ मंडप तक पहुंची, जहां कलशों को विधिवत स्थापित किया गया। बुधवार सुबह से कलश स्थापना, अग्निमंथन के साथ पंचकुंडीय विराट रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ होगा, जो 5 नवंबर को कन्याओं के विवाह संस्कार के साथ संपन्न होगा।
यज्ञ में प्रकृति रक्षा हेतु 251 जड़ी-बूटियों से बनी विशेष हवन सामग्री से प्रतिदिन आहुति दी जाएगी। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के यज्ञाध्यक्ष भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी जी महाराज ने बताया कि यह आयोजन मणिराम छावनी, रामजन्मभूमि अयोध्या के महंत कमल नयन दास जी महाराज के आशीर्वाद से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर को कन्याओं का शुभ विवाह समारोह संपन्न होगा और भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
इस अवसर पर महंत परमात्मा दास जी महाराज, चन्द्रबली जी महाराज, संपूर्णानंद जी, शुभराम महाराज, राजेंद्र महाराज, रामखेलावन, राजेश सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहे। यज्ञ संचालन में आचार्य गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी, राजेश तिवारी, रेवती तिवारी, रामपूजन मिश्र, योगेश त्रिपाठी समेत अन्य आचार्यगण शामिल रहे।
ब्यूरोचीफ -संजय यादव









