अंकित बलियान की हत्या के दो आरोपियों की आज पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई। दोनों बदमाशों के शव इस बात की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं कि अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों का अंतिम अंजाम कितना भयावह हो सकता है। अपराध चाहे कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं होता।
शुरुआत में अपराध की राह कुछ लोगों को आसान, आकर्षक और कमाई का जरिया नजर आ सकती है, लेकिन इसका अंत अक्सर जेल, परिवार की बर्बादी या जान गंवाने के रूप में होता है। युवाओं को गलत संगत, नशे और अपराध से दूर रहकर मेहनत, शिक्षा और ईमानदारी का रास्ता अपनाना चाहिए। अपराध से कमाया गया पैसा, दबदबा और रुतबा कभी स्थायी नहीं होता। कानून से खिलवाड़ का परिणाम गंभीर हो सकता है।
गुनाहों की राह पर जो कदम बढ़ाते हैं,,
एक दिन अपने ही कर्मों से हार जाते हैं।
कानून से बचकर कोई कब तक जाएगा,
अपराध का अंजाम आखिर सामने आएगा।










