वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-भटनी विद्युतीकृत खंड पर स्थित देवरिया सदर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ₹44.54 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण देवरिया, जिसे ‘देवनगरी’ और ‘देवस्थान’ भी कहा जाता है, अब जल्द ही एक आधुनिक, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन के रूप में सामने आएगा।

क्या होंगे प्रमुख परिवर्तन?
- स्टेशन भवन का नया स्वरूप – आधुनिक और आकर्षक डिज़ाइन
- फुट ओवर ब्रिज (12 मीटर चौड़ा), 3 लिफ्ट, 2 एस्केलेटर
- वेटिंग हॉल, एग्जीक्यूटिव लाउंज, प्रसाधन, पुरुष/महिला डॉरमेट्री
- 22 बे के यात्री छाजन – धूप व वर्षा से बचाव हेतु प्लेटफॉर्म पर
- फसाड लाइटिंग, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड साइनेज, सीसीटीवी निगरानी
- हाई मास्ट टावर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था सर्कुलेटिंग एरिया में
स्टेशन की वर्तमान स्थिति
- प्रतिदिन लगभग 3,500 यात्री करते हैं यात्रा
- सीधी ट्रेन सुविधा से जुड़ा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अमृतसर, गुवाहाटी, जयपुर, अहमदाबाद सहित 30+ प्रमुख शहरों से
- पहले से मौजूद सुविधाएं: पूछताछ केंद्र, टिकट काउंटर, फुट ओवर ब्रिज, साइनेज, जन उद्घोषणा प्रणाली
शहरवासियों के लिए क्या खास?
रेलवे स्टेशन को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह परियोजना आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
वहीं इसका उद्देश्य रेलवे यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाना, देवरिया को पर्यटन और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करना, स्वतंत्रता संग्राम और आध्यात्मिक धरोहर से जुड़े इस शहर को एक नया पहचान देना है।









