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वाराणसी: रिश्वतखोरी मामले में 15 साल बाद फैसला, दोषी को तीन साल की सजा एवं 20 हजार जुर्माना

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वाराणसी: विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम) अवधेश कुमार की अदालत ने 15 साल पुराने रिश्वतखोरी के मामले में तत्कालीन एडीओ प्रद्युम्न कुमार रस्तोगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

अभियोजन के अनुसार, राजातालाब क्षेत्र स्थित एक प्रशिक्षण संस्थान के स्वयं सहायता समूह को 42 हजार रुपये के मानदेय का भुगतान होना था। तत्कालीन एडीओ प्रद्युम्न कुमार रस्तोगी ने इस भुगतान से संबंधित बिल को पास करने के लिए अपने हस्ताक्षर के बदले चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

18 मार्च 2009 को सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी की टीम ने चंदौली के चकिया तिराहे पर प्रद्युम्न कुमार रस्तोगी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। मामले की जांच और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया।

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