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Varanasi: भारतीय हॉकी लीग की नीलामी में राजकुमार पाल 40 तो ललित 28 लाख में बीके

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Varanasi: भारतीय हॉकी लीग में ओलंपिक खिलाड़ी राजकुमार पाल दो ओलंपिक खेल चुके ललित उपाध्याय से महंगे बिके। ललित 28 लाख तो राजकुमार पाल 40 लाख में बिके।

आईपीएल की तर्ज पर प्रस्तावित भारतीय हॉकी लीग में वाराणसी मंडल के दो हॉकी खिलाड़ियों की बोली लगाई गई। इसमें पहली बार ओलंपिक खेले गाजीपुर के राजकुमार पाल दो ओलंपिक खेल चुके ललित उपाध्याय से महंगे बिके। ललित उपाध्याय 28 लाख तो वहीं राजकुमार पाल 40 लाख की बोली लगाई गई। 

हॉकी को बढ़ावा देने के लिए आईपीएल की तर्ज पर हॉकी लीग का प्रस्ताव तैयार की गई है। इसके लिए खिलाड़ियों की नीलामी रविवार को हुई। लीग के लिए विभिन्न ने आठ टीम के खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई। 

खिलाड़ियों की बेस प्राइस 10 लाख रुपये थी। इसमें ललित उपाध्याय को यूपी रुद्रा के लिए खरीदा गया, जबकि राजकुमार को दिल्ली एसजी पाइपर्स ने खरीदा। ललित ने इसके लिए श्रीकाशी विश्वनाथ के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ खेलना और देश के लिए पदक लाना है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।