Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। डॉक्टर सुरक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर आईएमएस बिल्डिंग के सामने धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि इमरजेंसी विभाग में एक महिला डॉक्टर के साथ बदसलूकी और धमकी दी गई, जिसकी लिखित शिकायत एमएस को दी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और अन्य घटनाएं आए दिन होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। उनका कहना है कि जब तक उन्हें लिखित में सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। डॉक्टरों ने बताया कि हर बार आश्वासन देकर धरना समाप्त करवा दिया जाता है, लेकिन इस बार वे अपनी मांगें पूरी करवाने तक पीछे नहीं हटेंगे।
तीन दिनों से जारी इस हड़ताल के बावजूद अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी डॉक्टरों से मिलने नहीं आया है। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने धरना प्रदर्शन की लिखित जानकारी कई जगहों पर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

दर-दर भटक रहे मरीज
उधर, अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की मांगें सही हो सकती हैं, लेकिन हड़ताल की वजह से मरीजों के इलाज में रुकावट आना गलत है। पूर्वांचल के कई जिलों से लोग इलाज के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।









