गाजीपुर । जनपद के मरदह थाना क्षेत्र अंतर्गत तांती जमुआरी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का समापन अत्यंत भक्तिमय वातावरण में हुआ। समापन अवसर पर हनुमान घाट का विधिवत नामकरण एवं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न कराया गया। घाट का नया नाम “ऋणमोचक हनुमान जी घाट” रखा गया।

वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया।कथा व्यास मधुकर महाराज ने शबरी, अहिल्या और भारद्वाज मुनि के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति हेतु सच्ची पुकार और धैर्यपूर्ण प्रतीक्षा आवश्यक है। गुरु महिमा, चित्रकूट प्रवास और दशरथ महाप्रयाण का मार्मिक चित्रण सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

श्री राम-जानकी विवाह, धनुष भंग तथा परशुराम-लक्ष्मण संवाद का सुंदर वर्णन श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर गया। कथावाचक ने इसे आदर्श विवाह की संज्ञा देते हुए लोकगीतों में इसकी झलक का उल्लेख किया।कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
धर्मेंद्र कुमार मरदह गाजीपुर








