वाराणसी। 17 मार्च 2026वाराणसी में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण बनने जा रहा है, क्योंकि ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज 18 मार्च को सायंकाल काशी पधारेंगे। वे छत्तीसगढ़ से होते हुए प्रयागराज के मार्ग से यहां पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर सनातन धर्मावलंबियों और गौभक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा, जयघोष और पारंपरिक विधियों से उनका अभिनंदन किया जाएगा।शंकराचार्य जी के आगमन के उपरांत श्रीविद्यामठ में उनके चरण पादुका का पूजन कर भक्तगण उनका स्वागत करेंगे। नवरात्र के दौरान उनके सान्निध्य में विविध आध्यात्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे काशी का धार्मिक वातावरण और अधिक दिव्य एवं भव्य हो जाएगा।
चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन, 19 मार्च को नव संवत्सर के अवसर पर शंकराचार्य जी महाराज द्वारा सनातनी पंचांग का विधिवत विमोचन किया जाएगा। यह पंचांग हिंदू नववर्ष के प्रारंभ का प्रतीक होगा और श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखेगा। इसी दिन शंकराचार्य घाट पर नव संवत्सरोत्सव भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, “प्रातर्मंगलम्” के 20वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर बटुक विद्यार्थियों द्वारा नव वर्ष के नव सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। बटुकगण सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर इस आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाएंगे।पूरे नवरात्र काल में भगवती के विशेष पूजन, यज्ञ, हवन एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
शंकराचार्य जी के मार्गदर्शन में ये सभी अनुष्ठान सनातन संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे। काशी में यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।
संजय पांडेय मीडिया प्रभारी।








