गाजीपुर । जनपद के मरदह क्षेत्र अंतर्गत गोबिंदपुर किरत गांव में उस समय उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब प्रख्यात शिक्षक मनोज कुमार सिंह अपने दीर्घ अध्यापन सेवा काल के बाद सेवानिवृत्त होकर पैतृक आवास पहुंचे। उनके स्वागत में ग्रामीणों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए भव्य नागरिक अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्प वर्षा और फूल-मालाओं से सजे इस आयोजन ने पूरे गांव को गौरवान्वित कर दिया।
स्वर्गीय रामजन्म सिंह के पुत्र मनोज कुमार सिंह ने अपने जीवन के 34 वर्ष शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1992 में माता तपेश्वरी शिक्षण संस्थान से की, जहां दिसंबर 1999 तक उन्होंने अध्यापन कार्य किया। इसके बाद जनवरी 2000 से लेकर मार्च 2024 तक उन्होंने शास्त्री इंटर कॉलेज, जंगीपुर में जीव विज्ञान प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपनी सरलता, अनुशासन और प्रभावशाली शिक्षण शैली के कारण वे छात्रों और सहकर्मियों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे।
सेवानिवृत्ति के उपरांत जब वे अपने गांव पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम में उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर परिवारजनों के साथ केक काटकर खुशी का इजहार किया गया, जिससे माहौल और भी भावुक व आनंदमय हो उठा।
समारोह में उनकी पत्नी निर्मला सिंह, पुत्र अतुल सिंह, पुत्रवधू प्रियंका सिंह, पौत्र आदित्य और अन्वित, पुत्री ज्योति सिंह तथा दामाद गोपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा गांव और क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इनमें संतोष सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अनिल राय, कमलेश सिंह, उदय नारायण सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, आशुतोष सिंह, प्रशांत सिंह, गौतम जी, चंदन सिंह और विपिन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यालय के स्टाफ शामिल रहे।अपने सम्मान से अभिभूत मनोज कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों का स्नेह और समाज का सम्मान ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को सदैव ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
क्राइम रिपोर्टर उमेश यादव गाजीपुर।









