पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय पल्हारी नगवां में भारतीय भाषा-ग्रीष्मकालीन शिविर (2026) का हुआ आयोजन
बच्चों के लिए ज्ञान, संस्कृति और रचनात्मकता का रहा संगम: डॉक्टर बृजेश महादेव
सोनभद्र। भाषा से संवाद, संस्कृति से पहचान, एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय पल्हारी, नगवां, सोनभद्र में 13 मई 2026 से 19 मई 2026 तक भारतीय भाषा-ग्रीष्मकालीन शिविर (2026) का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं को “स्टार ऑफ द मंथ” से सम्मानित किया गया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र मुकुल आनंद पांडेय एवं खंड शिक्षा अधिकारी नगवां धनंजय कुमार सिंह के संरक्षण तथा डॉ. बृजेश कुमार सिंह ‘महादेव’ के कुशल निर्देशन में आयोजित इस शिविर ने बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, भाषाई विविधता एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान किया।

सप्ताह भर चले इस विशेष शिविर में बच्चों के लिए दिवसवार रोचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। प्रथम दिवस बच्चों को विभिन्न भारतीय भाषाओं में अभिवादन एवं परिचय देना सिखाया गया। “नमस्ते”, “वणक्कम”, “नमस्कार”, “सत श्री अकाल” जैसे अभिवादन शब्दों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की भाषाई विविधता को समझा। द्वितीय दिवस शब्द एवं संवाद गतिविधियों के अंतर्गत दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले शब्दों, सरल संवादों एवं भाषा खेलों का अभ्यास कराया गया, जिससे बच्चों में संवाद कौशल एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

तृतीय दिवस गीत एवं संगीत गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं के गीतों, लोकधुनों एवं समूह गायन में सहभाग किया। संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। चतुर्थ दिवस कहानी एवं कविता गतिविधियों में बच्चों ने कविता पाठ, कहानी वाचन एवं चित्र देखकर रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा समझ एवं मंच प्रस्तुति क्षमता में वृद्धि हुई।

पंचम दिवस कला, चित्रकला एवं संस्कृति पर आधारित गतिविधियों में विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की वेशभूषा, लोकनृत्य, भोजन एवं त्योहारों की जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने पोस्टर, रंगोली एवं चित्रों के माध्यम से “हमारी संस्कृति-हमारी धरोहर” विषय को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। छठवें दिवस इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) गतिविधि के माध्यम से बच्चों को सांकेतिक भाषा के महत्व से परिचित कराया गया। इस सत्र ने बच्चों में संवेदनशीलता, समावेशन एवं सभी के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया।

अंतिम दिवस पुनरावृत्ति एवं प्रस्तुति दिवस के रूप में आयोजित हुआ, जिसमें बच्चों ने पूरे सप्ताह सीखी गई गतिविधियों का मंचन किया। समूह गीत, कविता, संवाद एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन समारोह में प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रत्येक कक्षा से एक छात्र एवं एक छात्रा को “स्टार ऑफ द मंथ” सम्मान प्रदान किया गया।
प्रधानाध्यापक जय प्रसाद चौरसिया ने कहा कि यह शिविर केवल भाषाएँ सिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, एकता एवं सामाजिक समरसता से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। संचालन कर रहे डॉ. बृजेश महादेव ने ग्रीष्मावकाश गृहकार्य पर चर्चा करते हुए बच्चों को निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया तथा सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ शिविर समापन की घोषणा की। विद्यालय परिवार के सहयोग से संपन्न यह शिविर बच्चों के लिए यादगार, प्रेरणादायी एवं बहुआयामी सीख का केंद्र बन गया।








