बेंगलुरु में राज्यपाल के दौरे के दौरान लागू किए गए वीआईपी ट्रैफिक प्रबंधन ने एक बार फिर आम जनता की परेशानियों को उजागर कर दिया। शहर में वीआईपी मूवमेंट के कारण कई मार्गों पर यातायात रोक दिया गया था। इसी दौरान अपनी पत्नी को अस्पताल ले जा रहा एक युवक ट्रैफिक में फंस गया। काफी देर तक रास्ता नहीं खुलने पर वह नाराज होकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब थी और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, लेकिन वीआईपी आवागमन के चलते उसे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों ने वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
इस घटना ने एक बार फिर उस बहस को हवा दे दी है कि क्या वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम नागरिकों को इतनी असुविधा उठानी चाहिए। कई लोगों का कहना है कि लाल बत्ती संस्कृति भले समाप्त कर दी गई हो, लेकिन वीआईपी दौरों के दौरान यातायात प्रतिबंध और आम जनता की परेशानियां आज भी जारी हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक कदम उठाए गए थे।








