वाराणसी । काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में 37वीं सुदर्शन सभा का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिवर्तन योगेश संस्थान, महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा तथा महर्षि सत्य सनातन हिंदी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्वानों, शिक्षकों, साहित्यकारों, पत्रकारों और आध्यात्मिक साधकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भारत रत्न काशी महामना पुरस्कार, भारत साहित्य रत्न, श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड, ज्योतिष रत्न, कथा भास्कर, राष्ट्र गौरव श्री सम्मान, हिन्दू राष्ट्र रत्न सम्मान, श्री नारद पत्रकार सम्मान तथा सनातन गौरव सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित अलंकरण प्रदान किए गए। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
सभा के दौरान कई विशिष्ट उपाधियां एवं संस्कार भी प्रदान किए गए, जिनमें ॐ रुद्राक्ष दीक्षा, पट्टाभिषेक, परम गुरु उपाधि, सद्गृहस्थ संत, आचार्य पद तथा तक्षशिला विद्वत्ता सम्मान प्रमुख रहे। आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति, शिक्षा, शोध, साहित्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद, पिता संस्था, न्यू ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश पत्रकार परिषद, उजाला संचार मीडिया हाउस एवं उर्मिला श्री ट्रस्ट सहित कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही।
आयोजन समिति में ऋषि चंद्रभूषण मिश्र, डॉ. योगेश तरेहन, सीमा सिंह, डॉ. रवि चतुर्वेदी, डॉ. हरिश्चंद्र मिश्रा, राजेश कुमार सौंखिया एवं मुकेश सल्होत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा एवं चंद्रभूषण मिश्र “कौशिक” ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।
संजय शर्मा ब्यूरो चन्दौली।












